Devotees offering water to Sun on Ratha Saptami 2026
शास्त्रों के अनुसार, रथ सप्तमी वह दिन है जब सूर्य देव ने अपने रथ पर सवार होकर पूरे जगत को अपने दिव्य प्रकाश से आलोकित किया था। इसे ‘ब्रह्मांड का जन्मदिन’ भी माना जा सकता है क्योंकि सूर्य ही जीवन का आधार हैं।
1. रथ सप्तमी 2026: शुभ मुहूर्त
- सप्तमी तिथि प्रारंभ: 24 जनवरी 2026, रात 10:15 बजे से
- सप्तमी तिथि समाप्त: 25 जनवरी 2026, रात 08:30 बजे तक
- अरुणोदय (स्नान) मुहूर्त: सुबह 05:28 से 07:11 तक (आज सुबह का समय सबसे प्रभावशाली था, लेकिन आप सूर्यास्त तक सूर्य उपासना कर सकते हैं)।
2. आज का विशेष ‘आरोग्य’ स्नान (Arka Patra Snanam)
आज के दिन शरीर की शुद्धि के लिए एक विशेष परंपरा निभाई जाती है:
- विधि: सिर और कंधों पर 7 अर्क (आक/मदार) के पत्ते रखकर स्नान किया जाता है।
- लाभ: माना जाता है कि ऐसा करने से पिछले 7 जन्मों के शारीरिक पाप और रोग धुल जाते हैं। यह आपकी त्वचा और हड्डियों को नई ऊर्जा प्रदान करता है।
3. रथ सप्तमी का आध्यात्मिक विज्ञान
जैसा कि हमने Aura (आभामंडल) के बारे में चर्चा की थी, सूर्य हमारे ऑरा का सबसे बड़ा स्रोत है।
- चक्र संतुलन: सूर्य का रथ और उसके 7 घोड़े हमारे शरीर के 7 प्रमुख ऊर्जा केंद्रों (Chakras) का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज सूर्य की पूजा करने से ये सातों चक्र सक्रिय और संतुलित होते हैं।
- मानसिक शक्ति: यदि आप बार-बार डिप्रेशन या नकारात्मक विचारों का शिकार होते हैं, तो आज का दिन आपके ‘अंधकार’ को मिटाने का है। [Aura Secrets संदर्भ]
4. क्या करें आज के दिन?
- अर्घ्य दान: तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य की ओर मुख करके जल अर्पित करें।
- आदित्य हृदय स्तोत्र: यदि संभव हो, तो आज इस स्तोत्र का पाठ करें। यह शत्रुओं पर विजय और असाध्य रोगों से मुक्ति दिलाने में रामबाण है।
- गायत्री मंत्र: आज गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करने से बुद्धि प्रखर होती है। [बसंत पंचमी संदर्भ]
- दान: आज लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़ या तांबे के बर्तनों का दान करना आपके ‘भाग्य’ के द्वार खोल सकता है।
5. सूर्य और सफलता का संबंध
अंकशास्त्र (Numerology) में सूर्य को मूलांक 1 का स्वामी माना गया है। जो लोग राजनीति, नेतृत्व या प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहते हैं, उनके लिए रथ सप्तमी का व्रत ‘राजयोग’ बनाने की शक्ति रखता है। [Numerology अरबपति योग संदर्भ]
रथ सप्तमी हमें सिखाती है कि ‘अनुशासन’ और ‘निरंतरता’ (जैसे सूर्य रोज बिना रुके उदय होता है) ही सफलता की कुंजी है। आज संकल्प लें कि आप अपनी ऊर्जा को व्यर्थ की बातों में नष्ट नहीं करेंगे और सूर्य की तरह चमकेंगे।